शिक्षक दिनेश साहू के मौत का कारण बनी पत्नी चंदेश्वरी साहू की बेवफाई - Bebaak Bayan

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Wednesday, August 20, 2025

शिक्षक दिनेश साहू के मौत का कारण बनी पत्नी चंदेश्वरी साहू की बेवफाई

हर्बल लाईफ सीनियर कोच शिक्षक गिरीश साहू के साथ करती थी चैटिंग

वारदात के दिन मुंबई में आयोजित लाईफ स्टाईल डे पर शिक्षक दिनेश साहू ने ऐसा क्या देखा कि आत्महत्या करने विवश हो गया

आखिर क्यों विवश हुआ आत्महत्या करने शिक्षक दिनेश साहू

रिपोर्टर मयंक गुप्ता महासमुंद / आज हर इंसान अपने परिवार को एक अच्छी लाईफ स्टाईल जिन्दगी देने अपनी वर्तमान कमाई के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त आमदनी करने किसी न किसी प्लेट फार्म से जुडता है जहा उनके जरूरतों के साथ-साथ उनकी चाहतों के अनुसार से आमदनी हो। जिससे कि वो अपने परिवारों की हर ख्वाहिशों को पूरी कर सके।

मिला एक प्लेट फार्म जिसने दिनेश साहू की लाईफ स्टाईल को ही बदल दिया।

आप यदि अच्छी जिन्दगी की चाह रखते है तो आपको भी कोई न कोई प्लेट फार्म आपका बेसब्री से इंतजार करते रहता है। जिसको अवसर के रूप में स्वीकार करना पड़ता है और फिर पूरी शिद्दत के साथ अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ थोडा समय निकालकर उस प्लेट फार्म में समय देना पड़ता है।

हर्बल लाईफ परिवार वेट लॉस वेट गैन से जुड़ा शिक्षक दिनेश साहू एवं परिवार

शिक्षक दिनेश साहू बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ अपने आपको स्वस्थ्य और निरोग रखने हर्बल लाईफ से जुडा जिसमें दिनेश साहू और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चंदेश्वरी साहू दोनों हर्बल लाईफ की लाईफ स्टाईल से चकाचौंध हो गए और पूरी दिल-दिमाग से हर्बल लाईफ के पीछे पागलों की तरह काम करने लगे।

शिक्षक दिनेश साहू तो हर्बल लाईफ के लिए समर्पण भाव के चलते अच्छी लाईफ स्टाईल पाने अपने गले में हर्बल लाईफ का लोगो वाला टेटू भी गुदवा लिया और जो कोई भी दिनेश साहू और उनकी पत्नी के तीन फीट के दायरे में आते वे उनसे अपने कार्य के बारे बताते और उनको अपने नेटवर्क का हिस्सा बनाने में जुट जाते किन्तु लगातार इनके सतत प्रयासों से उनका नेटवर्क बढ़ता चला गया और अच्छी खासी आमदनी भी मिलना शुरू हो गया। शिक्षक दिनेश साहू एवं परिवार का भी लाईफ स्टाईल दिन-ब-दिन बदलते चला गया आज दिनेश साहू को जरूरतों के हिसाब से नही अपितु उनकी चाहतों के हिसाब से आमदनी मिलना शुरू हो गया। फिर वो अपनी घर को आलीशान बिल्डिंग में तब्दील कर दिया। पुरानी मारुति सुजुकी कंपनी की स्विफ्ट कार को एक्सचेंज कर टाटा कंपनी की लग्जरी कार रेड कलर कर्व भी खरीदे जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रूपये है। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक दिनेश साहू फांसी लगाने के एक सप्ताह पहले अपनी धर्मपत्नी को लगभग 2 से ढाई लाख कीमत की मोबाईल भी गिफ्ट किया। साथ ही रक्षाबंधन के पूर्व दिनेश साहू ने अपने परिवार के लिए हजारों रूपये का वस्त्र भी खरीदे और ये सब वो इस लिए कर पा रहे थे कि, अब हर्बल लाईफ परिवार से महिनों के 2 से ढाई लाख रुपए की आमदनी मिलना शुरू हो गया था।

शिक्षक दिनेश साहू की अर्धांगिनी श्रीमती चंदेश्वरी साहू निकली बे-वफा

बता दे कि,दिनेश साहू जिस हर्बल लाईफ परिवार से जुड़े जिसमें उनके सीनियर कोच वर्तमान में बालोद जिले में शिक्षक के रूप में पदस्थ है। गिरीश साहू इमली भाटा महासमुंद के निवासी है। हर्बल लाईफ वेट लॉस वेट गैन सर्व प्रथम कोच गिरीश साहू के घर में ही क्लास लगा करता था। फिर जैसे जैसे टीम ग्रोथ करते गई तो दिनेश साहू ने अपने घर पर ही वर्कआउट ऑनलाइन काम करने लग और घर से ही इनका सेशन प्रतिदिन मॉर्निंग तो ईवनिंग चलता था। किंतु हर्बल लाईफ का लाईफ स्टाइल डे प्रोग्राम हर महीने डेढ़ महीने में अलग-अलग परिधान धारण कर अलग अलग जगहों में इनका सेमिनार जैसा प्रोग्राम आयोजित होता है। जिसमें दिनेश साहू और उनकी बेवफा पत्नी चंदेश्वरी साहू भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। जिसमें उनके कोच गिरीश साहू और उनकी धर्मपत्नी रमा साहू भी साथ हुआ करती थी। फिर भी गिरीश साहू और चंदेश्वरी साहू के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ता चला गया और पता नहीं ये लोग कितनी बार आपस में मिले होंगे। जिसकी भनक या फिर ऐसी कोई हरकते शिक्षक दिनेश साहू नहीं समझ पाए हो।

दिनेश साहू की मौत का खुलासा

ज्ञातव्य है कि,बीते दिनांक 13 और 14 अगस्त की दरम्यानी रात दिनेश साहू और उनकी पत्नी श्रीमती चंदेश्वरी साहू के बीच किसी बात लो लेकर विवाद हुआ था और शिक्षक दिनेश साहू ने अपनी पत्नी से वीडियो कॉल में बात करते करते फांसी के फंदे पर झूलकर अपनी इहलीला समाप्त कर लिए थे। दरअसल शिक्षक दिनेश साहू को स्कूल से छुट्टी नहीं मिलने की स्थिति में वे अपनी पत्नी श्रीमती चंदेश्वरी साहू को मुंबई में आयोजित हर्बल लाईफ स्टाईल डे प्रोग्राम में भेज दिये। पश्चात शिक्षक दिनेश साहू ने जब घर पर रखे लैप टॉप ओपन किए तो उनकी पत्नी और उनके कोच गिरिश साहू के बीच अश्लील चैटिंग को रीड कर लिए जो कि, डिलीट नहीं हुआ था। शिक्षक दिनेश साहू चैटिंग को देख आग बबूला हो गए और अपनी पत्नी को वीडियो कॉल कर कारण पूछने लगे ऐसा क्यों किए मेरे साथ ऐसा प्रतीत होता है। तथा पति शिक्षक दिनेश साहू और पत्नी श्रीमती चंदेश्वरी साहू के बीच विवाद काफी बढ़ गया। जिसका नतीजा यह निकला कि, शिक्षक दिनेश साहू अंदर से टूट गए और उनके दोनों बच्चे घर में सो रहे थे जिस बीच दिनेश साहू ने वीडियो कॉल में रहते हुए अपनी बेवफा पत्नी के सामने फांसी के फंदे पर झूल कर जान दे दिए।

मृतक दिनेश साहू की माता श्रीमती ख़ेमिन साहू ने मीडिया को दूरभाष के माध्यम से बताया कि,घटना दिनांक को मेरा बेटा दिनेश कुछ ऐसा चीज देखा और बार बार वीडियो कॉल उठाने के लिए बोलता रहा लेकिन शिक्षक दिनेश साहू की पत्नी फोन नहीं उठा रही थी। मृतक की माता का कहना था कि, कोई और भी था जिसका नाम शिरीष अग्रवाल है वो भी चंदेश्वरी के मोबाईल में चैटिंग किया हुआ है कि,आपके रूम में आऊ क्या ऐसा मृतक की मां का कहना है।

मृतक दिनेश साहू का परिवार

मृतक दिनेश साहू की पत्नी श्रीमती चंदेश्वरी साहू की दो छोटी बच्चिया जिनमें रितिका साहू उम्र 10 एवं संस्कृति साहू उम्र 8 साल है। मृतक दिनेश साहू अपने परिवार में सबसे छोटा और लाडला बेटा था। मृतक की माता श्रीमती ख़ेमिन साहू,पिता कलीराम साहू,बड़ी दीदी श्रीमती संतोषी साहू,बड़ा भाई राजेश साहू,उमा शंकर साहू नरेश साहू है।

मृतक दिनेश साहू की नियुक्ति

मृतक दिनेश साहू शिक्षाकर्मी वर्ग 2 की नियुक्ति वर्ष 28 जुलाई 2008 को पटेवा के पास स्थित ग्राम खट्टा के स्कूल में हुआ था। तत्पश्चात वर्ष 2016 को मृतक की पदोन्नति के साथ पिथौरा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक शाला छिंदौली में पदस्थ थे।

हर्बल लाईफ कंपनी में वर्ष 2019-20 में ज्वाइन किये

मृतक दिनेश साहू की माता का कहना था कि, मेरा पुत्र दिनेश साहू अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ अकेले रहता था और एक व्यक्ति डोंगरगढ़ निवासी मुकुल को किराए दिए हुए थे। आगे मृतक की माता बताते हुए मीडिया को अवगत कराई कि,हम दोनों पति पत्नी महीने - महीनों तक रुका करते थे। जिससे मेरे पुत्र दिनेश साहू के स्कूल जाते ही मेरी बहु चंदेश्वरी साहू दिन भर मोबाईल में चैटिंग करती थी व कही भी उठ कर चल दिया करती थी बिना बताएं और मेरे बेटे के आने के पहले आ जाया करती थी। मृतक की माता का कहना था कि, मेरा पुत्र अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को साथ हमेशा खुश रहता था और मजाकिया किस्म का भी था। आज मेरे पुत्र दिनेश साहू की मौत का कारण कोई और नहीं मेरी बहु और उनके कोच गिरीश साहू है। इनके अलावा और भी लोगों के साथ इनका संबंध हो सकता है। हमारा पूरा मृतक दिनेश साहू की मौत से स्तब्ध हो गए है।

क्या पुलिस प्रशासन मृतक दिनेश साहू के परिवारों को इंसाफ दिला पाएगी

शिक्षक दिनेश साहू की मौत से पत्नी के चेहरे पर कुछ शिकन नहीं था। मृतक दिनेश साहू के मौत के बाद उनकी बेवफा पत्नी चंदेश्वरी साहू का मोबाईल फोन स्वीच ऑफ था या फिर एयर प्लेन मोड में डाल कर रखी थी। मृतक दिनेश साहू को आखिरी बार भी नहीं देख पाई उनकी बेवफा धर्मपत्नी। मृतक के परिजनों का कहना था कि,मेरे के दशगात्र में भी शामिल नहीं हुई या होना नहीं चाहती थी। अब देखते है पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाती है।

कोच गिरीश साहू का पक्ष जानने उनसे संपर्क करने पर किसी प्रकार से कोई रिस्पांस उनके द्वारा नहीं मिला है।

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