पाकिस्तानी सेना की हवाई कार्रवाई में नागरिकों के मारे जाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दूरदराज के इलाके में हुई एयरस्ट्राइक में कम से कम 30 लोगों की मौत की सूचना है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक ऐसी दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने ला दी है, जहाँ एक शख्स ने मारे गए डेढ़ साल के एक बच्चे के शव को अपने हाथों में उठाकर पाकिस्तानी अधिकारियों और सेना के खिलाफ गुस्सा जताया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह युवक रोते हुए यह पूछता देखा गया, "क्या यह छोटा बच्चा भी आतंकवादी था? इसने क्या गुनाह किया था?"
घटना का विवरण:
बताया जा रहा है कि यह घटना खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी में स्थित एक गाँव में हुई। पाकिस्तानी वायुसेना ने सोमवार को यहाँ सैन्य कार्रवाई की, जिसके बाद से हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस हमले में 11 से अधिक नाबालिग बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिक मारे गए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया और विरोध:
यह इलाका अफरीदी कबीले बहुल्य है और घटना के बाद से यहाँ गुस्सा फैल हुआ है। स्थानीय नेताओं ने तुरंत एक बैठक करके इस घटना की निंदा की है। रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि स्थानीय लोग पेशावर स्थित सैन्य ठिकानों का विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
पाकिस्तानी मानवाधिकार आयोग ने उठाए सवाल:
इस घटना पर पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने एक बयान जारी कर कहा कि उसे इस हवाई हमले में नागरिकों और बच्चों के मारे जाने की खबर से गहरा सदमा पहुंचा है। आयोग ने मांग की है कि सरकार को इस घटना की तुरंत एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच शुरू करनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को कानून के सामने लाना चाहिए। आयोग ने याद दिलाया कि संविधान के तहत राज्य का ये दायित्व है कि वह हर नागरिक के जीवन के अधिकार की रक्षा करे।
पृष्ठभूमि:
पाकिस्तानी सेना पिछले कुछ हफ्तों से दावा कर रही है कि वह देश के विभिन्न इलाकों में सक्रिय आतंकी गुटों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले कर रही है। हालाँकि, अक्सर स्थानीय स्रोतों और मानवाधिकार संगठनों की ओर से ये आरोप लगते रहे हैं कि इन कार्रवाइयों में आम नागरिकों के जान-माल का नुकसान हो रहा है। इस घटना के बाद एक बार फिर सैन्य कार्रवाइयों में नागरिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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