कमर्शियल गैस गायब, घरेलू सिलेंडर जब्त महासमुंद में कार्रवाई से छोटे व्यापारी नाराज़
रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध का असर अब धीरे-धीरे भारत के स्थानीय बाजारों तक भी पहुंचने लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली कच्चे तेल, एलएनजी और उर्वरकों की सप्लाई बाधित होने से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है और इसका असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है।
ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में करीब ₹115 तक की वृद्धि देखी गई है। इसके साथ ही समुद्री परिवहन महंगा होने के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लागत भी बढ़ गई है, जिससे कई वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
ईंधन और उर्वरक आपूर्ति पर असर
मध्य-पूर्व क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता है। वहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। भारत अपनी उर्वरक जरूरतों के लिए भी खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह स्थिति लंबी चली तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, एलपीजी की उपलब्धता में कमी और कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की किल्लत जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
होटल-रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर दबाव
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट, मैस और छोटे खाद्य व्यवसायों पर भी पड़ रहा है। कई जगहों पर सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से संचालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। राजस्थान के कोटा सहित कई शहरों में ऐसी स्थिति सामने आ चुकी है।
महासमुंद में भी दिखने लगा असर
वैश्विक परिस्थितियों के बीच महासमुंद जिले में भी गैस की कमी का असर देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि 5 मार्च के बाद से कई स्थानों पर कमर्शियल गैस सिलेंडर गोदामों में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में फुटपाथ पर भोजन और नाश्ता बेचकर जीवनयापन करने वाले छोटे व्यवसायियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सिलेंडर की कमी के कारण कई फुटपाथ व्यवसायियों ने मजबूरी में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर अपना काम चलाने की कोशिश की। इसी बीच बुधवार को खाद्य विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर अचानक दबिश देकर कई दुकानों से घरेलू गैस सिलेंडर जब्त करने की कार्रवाई की।
व्यापारियों में नाराजगी
कार्रवाई के बाद छोटे व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि जब कमर्शियल गैस सिलेंडर बाजार में उपलब्ध ही नहीं हैं, तो मजबूरी में घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना पड़ रहा है। ऐसे समय में विभागीय कार्रवाई उनके रोज़गार पर सीधा असर डाल रही है।
खाद्य अधिकारी ने कहा – ऊपर से आया आदेश
इस संबंध में जब जिला खाद्य अधिकारी अजय कुमार यादव से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई है। उन्होंने आदेश की प्रति उपलब्ध कराने की बात कही, हालांकि समाचार लिखे जाने तक संबंधित आदेश की कॉपी उपलब्ध नहीं हो सकी थी।
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना कार्रवाई करना उचित नहीं है, खासकर उस समय जब गैस की उपलब्धता पहले से ही प्रभावित है। ऐसे में प्रशासन से छोटे कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लेने की मांग की जा रही है।
बढ़ती महंगाई से आम जनता भी परेशान
वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे तौर पर आम नागरिकों की जिंदगी पर पड़ता है। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ने लगते हैं। ऐसे में यदि ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।

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