रिपोटर मयंक गुप्ता जिले का सिकासार जलाशय और पैरी नदी लोगो के लिए किसी जीवनदायनी से कम नहीं है।जिसके चलते गरियाबंद जिले के किसानों का फसल लहला तो रहा ही है बल्कि इसके वजह से कभी अकाल और पेयजल सहित निस्तारी के लिए लोगो को कभी भुगतना नही पड़ा है।नतीजन गरियाबंद के किसान समृद्धि और शांति प्राप्त कर रहे है और लोगो में खुशहाली है।इसी वजह से छत्तीसगढ के त्रिवेणी संगम का सहायक नदी पैरी नदी को माता के रूप में पूजा जाता है।
आपको बता दे की कार्यालय कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग जिला गरियाबंद द्वारा वर्ष 2023 खरीफ सिंचाई हेतु दिनांक 12.7.2023 से संभाग अंतर्गत सिकासार जलाशय से पैरी नदी के माध्यम से 40 किलोमीटर जल प्रवाह कर कुकदा वियर से दाई तट नहर जिसकी कुल लंबाई 40-50 किलोमीटर एवं इसकी कौंदकेरा, लोहरसी परसदा एवं फिंगेश्वर वितरक शाखा नहर जिसकी लंबाई 50.50किमी एवं इसके समस्त उप शाखा नहरों के माध्यम से जल प्रदाय किया जा रहा ह। जिला गरियाबंद के 99 ग्रामों में लगभग 68,000 एकड़ कृषि क्षेत्र में लगातार जल प्रदान कर क्षेत्र के कृषकों के 100% फसल उपार्जन में विभाग द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय से अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन किया जा रहा है। कार्यपालन अभियंता एस.के.बर्मन द्वारा अवगत कराया कि संभाग अंतर्गत स्थित राज्य एवं फिंगेश्वर अनुविभाग में अल्प विभागिय अमला होने के उपरांत भी दिन-रात मेहनत कर कृषकों को लगातार जल प्रदान करने में सराहनीय योगदान दिया है। क्षेत्र के कृषकों द्वारा सहयोग भी अपेक्षाकृत प्राप्त हुआ है।आगे कार्यपालन अभियंता द्वारा जानकारी दिया गया कि विगत एक सप्ताह के अंदर 30/10 2023 से सिकासर जलाशय से जल प्रदाय किया जाना बंद किया जाएगा ।इस संबंध में कृषकों को अवगत कराने हेतु विभागीय मैदानी अमला को निर्देशित किया गया।8085132009
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