विधायक सम्पत के प्रथम नगर आगमन पर बसना वासियों ने मनाया जश्न. - Bebaak Bayan

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Friday, December 15, 2023

विधायक सम्पत के प्रथम नगर आगमन पर बसना वासियों ने मनाया जश्न.

इश्क में जीत के आने के लिए काफी हूं और मैं निहत्था ही सही मगर जमाने के लिए काफी हूं मेरे बसना क्षेत्र के वासियों आपकी कोई भी समस्या हो उनके समाधान हेतु मैं अकेला निपटने के लिए काफी हूं - डॉ सम्पत अग्रवाल

रिपोटर मयंक गुप्ता महासमुंद / बसना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 40 से ऐतिहासिक जीत हासिल करने एवं प्रथम नगर आगमन पर भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक डॉ.संपत अग्रवाल का भव्य स्वागत जीत एवं जलसे में उमड़ा जन सैलाब.

प्रारंभिक स्वागत समारोह का आयोजन बसना विधानसभा क्षेत्र के पिथौरा नगर भ्रमण से शुरू होकर देर रात तक बसना नगर में जगह-जगह पर फूल माला लड्डू मिठाईयां से तौलकर सभी ने दीपावली जैसे त्योहार से भी बड़ा उत्सव मनाया गया इस उत्सव में हजारों नहीं लाखों लोगों ने इस उत्सव में शामिल होकर धूमधाम से नाचते रहे.

स्वागत समारोह में बाजे गाजे पटाखे पारंपरिक वाद्य यंत्रों अत्याधुनिक वाद्ययंत्र आभार रैली मुख्य आकर्षण का केंद्र बना. स्वागत रैली के दौरान पूर्व प्रदेश मंत्री शंकर अग्रवाल, गुलाब अग्रवाल, नरेश सिंघल मंडल अध्यक्ष, मनजीत सिंह सलूजा, प्रकाश सिन्हा, सुमित अग्रवाल, विक्की सलूजा सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दर्ज कराई. बता दे सत्र 2023 विधानसभा चुनाव के भाजपा प्रत्याशी एवं नवनिर्वाचित विधायक डॉ संपत अग्रवाल को 108871 मत मिले एवं उनके विपक्ष कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र बहादुर सिंह को 72078 मत प्राप्त हुए. जीत का अंतर 36793

पिछला इतिहास

भाजपा ने महासमुंद जिले की बसना विधानसभा से संपत अग्रवाल को अपना प्रत्याशी बनाया हैं। संपत अग्रवाल लंबे समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय थे। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ा था।

संपत अग्रवाल बसना व सरायपाली क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय है। वे नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक है। उनके सेवा समिति ने क्षेत्र में कई काम किए है। नीलांचल सेवा समिति क्षेत्र में कई सामाजिक कामों में सक्रिय है। संपत अग्रवाल नगर पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके साथ ही जनपद में भी उनका खासा प्रभाव है।

संपत अग्रवाल भाजपा से 2018 में टिकट मांग रहे थे। पर उनको भाजपा ने टिकट नहीं दिया। तब उन्होंने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय ही चुनाव लडे थे । इस चुनाव में वो 50 हजार मत प्राप्त कर दूसरे नंबर पर रहे । जबकि 2018 के चुनाव मे कांग्रेस जीत मिली थी । निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण उन्हें भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिये थे । पर अब उन्हें फिर से भाजपा में शामिल कर टिकट दिया । और श्री अग्रवाल ने यह साबित कर दिया कि करत - करत ते अभ्यास के जड़मति होत सुजान औ रसरी आवत - जावत हे सील पर पडत निशान.

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