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Wednesday, January 24, 2024

दलालों के भरोसे चल रहा...! रायपुर रोड स्थित महानदी हॉस्पिटल...?

 

शासकीय चिकित्सक़ महासमुंद में पदस्थ डॉ. गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ एक ही समय में दोनों जगह अपनी सेवा दे रहे हैं...?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता

महासमुंद / वैसे तो महासमुंद जिला हमेशा सुर्खियों में जाना जाने वाला शहर हैं. आप किसी भी क्षेत्र देख लो चाहे वह राजनितिक, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक, सवैधानिक, या अपराधिक हमारा महासमुंद जिला किसी भी क्षेत्र में पिछड़ा नहीं हैं. समझने के लिए शब्द नहीं केवल मनशा की जरूरत है. आपको बता दे पिछली सरकार कांग्रेस की रही. कांग्रेस सरकार हर वह क्षेत्र जहां पर करोड़ों नहीं अरबो रुपए की सौगात दिए हैं. इसमें सबसे बड़ी योजना नरवा,गरुवा, घुरुवा अव बारी हैं.साथ ही लोगों की उच्च व मुफ्त शिक्षा हेतु स्वामी आत्मानंद स्कूल अभियान भी शामिल हैं. लोगों के स्वास्थ्यगत को ध्यान में रखते हुए मुफ्त चिकित्सकीय व्यवस्था हेतु जगह-जगह चिकित्सकीय मोबाइल यूनिट गांव- गांव, शहर - शहर में जन जागरूकता अभियान चलाया गया. जिला वासियों को अच्छी स्वास्थ्य हेतु विगत वर्ष 2022 में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक की स्मृति में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई. जहां पर एक पूर्ण विकसित तृतीयक सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल है. यह छत्तीसगढ़ के एकमात्र जिला महासमुंद में स्थित है. कॉलेज बैचलर ऑफ़ मेडिसिन एंड सर्जरी की डिग्री प्रदान करता है. कॉलेज से जुड़ा अस्पताल महासमुंद जिले में सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है. अगर यदि यह सही है तो आज इस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लोगों की मौत क्यों हो रही है....? इस मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं हैं तो मरीजों को बाहर क्यों रेफर किया जा रहा है और यदि रेफर किया जा रहा है तो केवल अपने चहेते प्राइवेट अस्पतालों में ही क्यों...? मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीड़ित मरीज व्यक्ति के परिवार चाहे वह निर्धन हो या सामान्य जो भी वर्ग से विलोम करते हो. अपने परिवार के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए. मेडिकल कॉलेज में भर्ती तो करते हैं किंतु यहां पर मरीजों का इलाज नहीं बल्कि उसे मैरिज पर यह लोग शोध करते हैं ऐसा प्रतीत होता है...? गहन चिकित्सकीय ज्ञान प्राप्त करने हेतु जीवित रहे या फिर मर जाए. इनका कोई फर्क नहीं पड़ता है. बल्कि मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में निपुणता सर्वज्ञ ज्ञान अर्जित करने मरीजो के साथ खिलवाड़ जैसे खेल खेला जा रहा है. यहां तक यहां ज्ञान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओ यह नहीं मालूम होता है कि, किस मरीज को किस प्रकार की प्रारंभिक चिकित्सकीय उपचार देनी है. अंततः बिना उपचार के यहां पर मरीज को अपनी इहलीला समाप्त करनी पड़ती है. ज्ञात हो कि, विगत दिनांक 22 जनवरी 2024 को जिला महासमुंद निवासी स्वर्गीय प्रभात गुप्ता को चिकित्सकीय उपचार हेतु भर्ती किया गया था. किंतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रभात गुप्ता की मौत हो गई. इनकी मौत के जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि सर्व सुविधा युक्त मेडिकल कॉलेज अस्पताल है. यहां पर मरीज इलाज के अभाव में अपना दम तोड़ रहे हैं. फिर भी इस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही आज तक नहीं की गई. ऐसा ही एक वाक्यांश फिर से दोहराया गया जहां पर इलाज के अभाव में मरीज को रेफर कर दिया जाता है और रेफर करने वाला डॉक्टर निजी अस्पताल में जाकर फिर से उसे मरीज का ट्रीटमेंट करता है और उसे मरीज के परिवारों से हजारों रुपए लूटने के बाद भी मरीज को नहीं बचा पाते हैं. क्योंकि, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मी इस तथ्य से अवगत रहते हैं कि, इस मरीज की मौत समीप आ चुकी है और यह स्वास्थ्यकर्मी पीड़ित मरीज के परिवारों को बहला फुसलाकर अपनी निजी अस्पताल में ले जाने की बात कह कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है. इसी कारणों से आहत होकर एक शिकायतकर्ता ने आज दिनांक 23 जनवरी को महासमुंद अनुभाग्य अधिकारी को पत्र प्रेषित करते हुए शिकायत किया है कि, जिला महासमुंद में रायपुर रोड स्थित महानदी अस्पताल संचालित हो रही है. जिला महासमुंद के स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक चिकित्सालय महासमुंद पदस्थ डॉ. गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ हैं. जो कि छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसलिंग के गाइडलाइन के अनुसार किसी भी एम डी या एमबीबीएस डॉक्टर शासकीय चिकित्सालय में सेवा के दौरान 2 वर्षों तक बॉन्डिंग पीरियड में किसी अन्य जगह है. किंतु डॉक्टर श्री देवांगन के द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के सारे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी सेवा रायपुर रोड स्थित महानदी हॉस्पिटल मेंदे रहे हैं. जबकि शासकीय नियमों एवं गाइडलाइन के अनुसार यह उचित नहीं है. किन्तु डॉक्टर श्री देवांगन के द्वारा खुलेआम विज्ञापन के माध्यम से अपने नाम का प्रचार प्रसार करते हुए महानदी हॉस्पिटल में अपनी सेवा दे रहे हैं. जबकि डॉक्टर गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ. स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक जिला चिकित्सालय महासमुंद में नियमित कर्मचारी के रूप में पदस्थ हैं. इनका खुलासा हेतु विगत दिनों दिनांक 16 जनवरी 2024 को वार्ड क्रमांक 8 पिथौरा निवासी स्वर्गीय श्री गजेंद्र निर्मलकर द्वारा जहरीली कीटनाशक दवा सेवन करने की वजह से प्रारंभिक चिकित्सा हेतु पिथौरा की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया. किंतु प्रारंभिक उपचार के दौरान उनको जिला महासमुंद के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर कर दिया गया. महासमुंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीज गजेंद्र निर्मलकर को भर्ती किया गया था. भर्ती पश्चात दिनांक 17 जनवरी 2024 को मरीज गजेंद्र निर्मलकर को सीधा रायपुर रिफर ना करते हुए रायपुर रोड स्थित महानदी हॉस्पिटल में लाया गया. अंततः श्री गजेंद्र निर्मलकर की मौत रात्रि कालीन 2:00 बजे के आसपास हो गई. शिकायतकर्ता का कहना है कि, 17 जनवरी 2024 को स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक जिला चिकित्सालय महासोनी पदस्थ डॉ गजेंद्र देवांगन अपनी सेवा दे रहे थे. जबकि उसी रात महानदी हॉस्पिटल में भी अपनी सेवा दे रहे थे. अपनी कर्तव्य को निर्वहन एवं शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. शिकायतकर्ता ने आगे यह भी बताया कि, इस तरह से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीजों को महानदी हॉस्पिटल तक पहुंचाने का कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं. ऐसे कर्मचारी डॉ गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ जो की नर्सिंग होम एक्ट व शासन द्वारा बनाए गए सारे नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आरक्षण अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक एवं दण्डनात्मक कार्यवाही करने की शिकायत शिकायतकर्ता ने की है.

गलत काम करने वालों के विरुद्ध होगी उचित कार्यवाही.

बसंत माहेश्वरी (अधीक्षक सम्बद्ध चिकित्सालय महासमुंद )

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