"मुन्ना भाई MBBS"की तर्ज पर "मुन्नी बहने " दे रही थी सब इंजीनियर की परीक्षा में हाईटेक नकल का हुआ पर्दाफाश - Bebaak Bayan

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Sunday, July 13, 2025

"मुन्ना भाई MBBS"की तर्ज पर "मुन्नी बहने " दे रही थी सब इंजीनियर की परीक्षा में हाईटेक नकल का हुआ पर्दाफाश

NSUI के दो कार्यकर्ता विकास सिंह और मयंक सिंह गौतम ने किया मामला उजागर

अंतर्वस्त्रों में छुपा था कैमरा और माइक, बाहर से गूगल कर बताए जा रहे थे जवाब

रिपोर्टर मयंक गुप्ता बिलासपुर / हाईटैक टेक्नोलोजी तरीके से नकल मारना अंबिकापुर की युवतियों को पड़ा महंगा। बता दे कि, आज से 40 दशक पूर्व नकल मारने की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार से थी कि,यदि हमसे कोई ज्यादा होशियार है तो हम ताका झांकी कर अपना परीक्षा देते थे फिर थोड़ा युग आगे बढ़ा तो चिट मारने में थोड़ा बदलाव आया जैसे कि, पेन के अंदर ,मोजे के अंदर कई और भी तरीके से लोग चिट मारा करते थे। अब तो आज हम 21वी सदी में अपना जीवन चला रहे जहां पर हमारे पास किसी भी प्रकार से संसाधनों की कमी नहीं है। लोग फिल्म देखकर उसके जैसा हरकत करने में पीछे नहीं रहते है। आज के युग में डुप्लीकेट करना आम बात हो गया है। इसी का परिणाम आपके सामने उभर कर आया है जिसमें आपको बता दे कि,परीक्षा व्यवस्था पर तकनीक की मार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में ‘मुन्ना भाई’ की जगह इस बार ‘मुन्नी बहनों’ ने मोर्चा संभाल लिया। हाईटेक गैजेट्स और योजनाबद्ध चाल से नकल का ऐसा तरीका अपनाया गया, जिसने पूरे परीक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था को ठेंगा दिखा दिया।

पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने किया ट्वीट

प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस.सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए बताया कि, सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा के दौरान हुए हाईटेक नकल कांड को न केवल शिक्षा व्यवस्था बल्कि राज्य की न्यायिक और प्रशासनिक प्रणाली पर भी गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।

सिंहदेव ने बताया कि, परीक्षा में नकल किसी सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि बेहद संगठित और हाईटेक अंदाज़ में की गई थी। परीक्षार्थियों के पास से लैपटॉप, माइक्रो डिवाइस, ब्लूटूथ उपकरण और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए, जो दर्शाता है कि ये पूरी तरह सुनियोजित और व्यवस्थागत साजिश थी। सवाल यह है कि इतने हाईटेक गैजेट्स परीक्षा केंद्रों के भीतर कैसे पहुंचे..? क्या प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह संभव था..?

लोक निर्माण विभाग (PWD) के उप अभियंता (Sub Engineer) पद के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नकल का तरीका इतना तकनीकी और संगठित था कि अधिकारियों की नजरों से बच जाना तय था, यदि कुछ सजग युवाओं ने इसका भंडाफोड़ न किया होता।

इस बार ‘मुन्ना भाई’ नहीं बल्कि ‘मुन्नी बहनें’ मैदान में उतरी थीं। एक युवती ने अपने अंतर्वस्त्रों में कैमरा और माइक छुपाकर परीक्षा हाल में प्रवेश किया, जबकि उसकी साथी टेम्पो में बैठकर वॉकी-टॉकी के जरिए बाहर से उसे गूगल सर्च कर उत्तर बता रही थी।

https://youtu.be/j7mVl_VZnNs?si=XR8FS2c76VXob

कैसे हुआ पूरा खेल?

यह घटना बिलासपुर के सरकंडा स्थित शासकीय रामदुलारे बालक उच्चतर माध्यमिक शाला परीक्षा केंद्र की है। परीक्षा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित थी।

परीक्षा केंद्र के भीतर बैठी युवती ने विशेष तकनीक से कैमरे को अपनी ड्रेस में फिट किया था। यह कैमरा प्रश्न पत्र की फोटो लेता और बाहर बैठी दूसरी युवती के मोबाइल पर लाइव भेजता। बाहर से जवाब गूगल किए जाते और फिर वॉकी-टॉकी से उसे बताए जाते।

 

NSUI कार्यकर्ताओं ने किया खुलासा

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के दो कार्यकर्ताओं – विकास सिंह और मयंक सिंह गौतम ने किया। उन्हें पहले से इनपुट मिला था कि परीक्षा में तकनीकी साधनों से नकल करवाई जा रही है। उन्होंने अपने संगठन की छात्राओं को निगरानी में लगाया और जैसे ही पुख्ता प्रमाण मिले, वे मौके पर पहुंचे।

बाहर बैठी युवती से जब उन्होंने पूछताछ शुरू की, तो वह पहले मुकर गई, फिर बहाने बनाने लगी। लेकिन जैसे ही उन्होंने पुलिस बुलाने और परीक्षा केंद्र में सामूहिक तलाशी की चेतावनी दी, पूरे खेल की परतें खुलने लगीं।

 

परीक्षा खत्म, भागने लगी आरोपी छात्रा

जैसे ही परीक्षा 12:15 पर समाप्त हुई, अंदर बैठी आरोपी छात्रा बाहर निकली और अपनी साथी को घिरे देख घबरा गई। उसने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क छात्राओं और मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया।

जब महिला पर्यवेक्षकों द्वारा तलाशी ली गई, तो छात्रा के अंतर्वस्त्रों में कैमरा, माइक और ब्लूटूथ डिवाइस टेप से चिपके हुए मिले। उत्तर पुस्तिका को अलग से सुरक्षित किया गया है।

अंबिकापुर से आई थीं ‘मुन्नी बहनें’

बताया जा रहा है कि दोनों युवतियां अंबिकापुर से बिलासपुर परीक्षा देने आई थीं। संभव है कि इस प्रकार की नकल कई और केंद्रों पर भी हुई हो। अब मामला शिक्षा माफिया और संगठित नकल गिरोह की ओर इशारा कर रहा है।

 

NSUI का दावा – बड़ी नकल रैकेट का सिरा

NSUI नेता ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि वॉकी-टॉकी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल हो रही है। हमने पहले जानकारी ली, फिर टीम के साथ मौके पर पहुंचकर परीक्षा में चल रहे इस हाईटेक घोटाले का पर्दाफाश किया।”

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages