छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड आईएएस समेत 5 गिरफ्तार - Bebaak Bayan

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Wednesday, September 24, 2025

छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड आईएएस समेत 5 गिरफ्तार

रिपोर्टर मयंक गुप्ता रायपुर / 24 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि गिरफ्तार व्यक्तियों में एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और उनका बेटा भी शामिल हैं। यह कार्रवाई सीजीपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को उजागर करती है, जिसने हजारों उम्मीदवारों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जांच को और तेज करने का निर्देश दिया है।

घटना का विवरण

सीजीपीएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं, विशेष रूप से 2020 और 2021 में आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। इन शिकायतों में यह आरोप लगाया गया था कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों को गलत तरीके से नौकरी दिलाने के लिए चयन प्रक्रिया में हेरफेर किया। शिकायतों में पेपर लीक, मेरिट लिस्ट में हेराफेरी, और अनुचित साधनों का उपयोग जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। सीबीआई ने इन शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की थी, और कई महीनों की गहन छानबीन के बाद यह कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने रायपुर और अन्य शहरों में कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसके दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, और अन्य सबूत जब्त किए गए। इन सबूतों ने सीजीपीएससी के कुछ अधिकारियों और बाहरी लोगों के बीच सांठगांठ की पुष्टि की। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान सीबीआई ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया, उनमें शामिल हैं: रिटायर्ड आईएएस अधिकारी: एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिनका नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे सीजीपीएससी के कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल थे। उनका बेटा: कथित तौर पर इस घोटाले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का आरोप है। सीजीपीएससी का एक पूर्व कर्मचारी: जो भर्ती प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण पद पर था। दो अन्य व्यक्ति: इनके बारे में बताया जा रहा है कि ये बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे, जो उम्मीदवारों से पैसे लेकर चयन सुनिश्चित करवाते थे। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

घोटाले का स्वरूप

सीबीआई की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घोटाला कई स्तरों पर संचालित था: पेपर लीक: कुछ महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पहले ही चुनिंदा उम्मीदवारों तक पहुंचा दिए गए थे। मेरिट लिस्ट में हेरफेर: योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर अयोग्य उम्मीदवारों को चयनित किया गया।

रिश्वतखोरी: चयन के बदले उम्मीदवारों से लाखों रुपये की रिश्वत ली गई।

दस्तावेजों में गड़बड़ी: कुछ उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया। इस घोटाले का सबसे दुखद पहलू यह है कि इससे उन हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, जो मेहनत और ईमानदारी से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे थे।

हाईकोर्ट का सख्त रुख

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने सीबीआई को निष्पक्ष और तेजी से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। कोर्ट ने सीजीपीएससी से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

इस घोटाले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस, ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है और इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार ने कहा है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सामाजिक स्तर पर, छात्र संगठनों और युवाओं ने इस घोटाले के खिलाफ रायपुर, बिलासपुर और अन्य शहरों में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर #CGPSCScam ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। सीबीआई का अगला कदम सीबीआई ने कहा है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है। एजेंसी अब उन उम्मीदवारों की जांच कर रही है, जिन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से चयनित किया गया था। साथ ही, सीजीपीएससी के अन्य अधिकारियों और बाहरी लोगों के शामिल होने की संभावना भी तलाशी जा रही है। सीबीआई ने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घोटाले से संबंधित कोई जानकारी हो, तो वह आगे आए।

आगे की राह यह घोटाला छत्तीसगढ़ में

प्रशासनिक और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:

भर्ती प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाना।

परीक्षा और चयन प्रक्रिया में तीसरे पक्ष की निगरानी। शिकायत निवारण के लिए एक स्वतंत्र तंत्र की स्थापना। भ्रष्टाचार के दोषियों के खिलाफ सख्त सजा।

निष्कर्ष

सीजीपीएससी घोटाला न केवल एक प्रशासनिक विफलता है, बल्कि यह उन युवाओं के सपनों पर भी चोट है, जो मेहनत और लगन से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि दोषियों को सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages