
रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / 7 अक्टूबर 2025 (विशेष संवाददाता) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक शिक्षक की दुखद आत्महत्या ने पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। दिनेश साहू, एक मेहनती शिक्षक, ने 13 अगस्त 2025 को अपनी पत्नी के कथित अवैध संबंधों और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। ढाई महीने बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे मृतक की बुजुर्ग मां खेमिन साहू की न्याय की गुहार अधूरी पड़ी है। इस मामले में चोरी, धोखाधड़ी और हर्बल लाइफ के नाम पर कथित ठगी के गंभीर आरोपों ने इसे और सनसनीखेज बना दिया है।
घटना का दर्दनाक विवरण: खेमिन साहू, जो ईमलीभांठा, शिव वाटिका, वार्ड नंबर 3 की निवासी हैं, ने 23 अगस्त 2025 को पुलिस अधीक्षक को एक मार्मिक शिकायत पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि उनके बेटे दिनेश की पत्नी चंदेश्वरी साहू के दो पुरुष मित्रों—सिरीश अग्रवाल और गिरीश साहू—के साथ संदिग्ध रिश्ते थे। "दिनेश जब स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाता, तब चंदेश्वरी घर पर इन लोगों को बुलाती। उनके बीच अश्लील संदेशों का आदान-प्रदान होता था। सामाजिक बदनामी और मानसिक तनाव ने मेरे बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया," खेमिन ने शिकायत में लिखा।
दिनेश की मौत के तुरंत बाद, चंदेश्वरी ने घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर, नकदी और जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज चुराकर फरार हो गई। "हम बूढ़े माता-पिता अब बिल्कुल असहाय हैं। बेटे को खोया, और अब हमारी जिंदगी भर की कमाई भी लुट गई," खेमिन ने आंसुओं के बीच कहा। उन्होंने सिरीश और गिरीश पर भी दिनेश को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जो परिवार में लगातार तनाव पैदा करते थे।
न्याय की मांग और कानूनी अपील
खेमिन ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) सहित अन्य धाराओं के तहत चंदेश्वरी, सिरीश और गिरीश के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके अलावा, चुराई गई संपत्ति की बरामदगी और गहन जांच की गुहार लगाई है। उन्होंने शिकायत की प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक और नई दिल्ली के कार्मिक विभाग को भेजी हैं, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है। खेमिन ने संपर्क के लिए अपना नंबर (7909317417) भी साझा किया है, ताकि कोई सहायता मिल सके।
हर्बल लाइफ ठगी का सनसनीखेज खुलासा
इस मामले ने तब और तूल पकड़ा, जब खेमिन ने चंदेश्वरी और उसके साथियों पर हर्बल लाइफ के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। "ये लोग मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के बहाने लोगों को निवेश का लालच देकर ठगते थे। इस स्कैम की गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि और लोग इसके शिकार न बनें," उन्होंने मांग की। भारत में हर्बल लाइफ जैसे उत्पादों के नाम पर ठगी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जहां लोग लाखों रुपये गंवा बैठते हैं।
पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल
ढाई महीने बीत जाने के बावजूद, जिला पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो कोई गिरफ्तारी हुई, न ही चुराई गई संपत्ति की बरामदगी के प्रयास दिखे। स्थानीय लोगों में इसे लेकर गुस्सा बढ़ रहा है, और इसे पुलिस की लापरवाही माना जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला वैवाहिक विश्वासघात, मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक ठगी की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पारिवारिक विवादों के कारण आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि भारत में हर साल 1.7 लाख से अधिक लोग आत्महत्या करते हैं, जिनमें पारिवारिक तनाव एक बड़ा कारण है।
समाज के लिए सबक
दिनेश साहू की यह त्रासदी केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। क्या पुलिस अब जागेगी और इस टूटे हुए परिवार को इंसाफ दिलाएगी? या यह शिकायत कागजों में दफन हो जाएगी? यदि आपके पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी है, तो कृपया महासमुंद पुलिस या खेमिन साहू से संपर्क करें। इस परिवार की पुकार को अनसुना न करें—न्याय के लिए आपकी आवाज उनकी ताकत बन सकती है।
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