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Saturday, December 20, 2025

महासमुंद में अवैध धान पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा एक ही रात में 870 कट्टे जब्त, ओडिशा से तस्करी की कोशिश नाकाम

 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता महासमुंद, 20 दिसंबर 2025 – छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध धान के परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है। बीती रात और आज सुबह अलग-अलग स्थानों पर की गई छापेमारी में कुल 860 कट्टे धान जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई पड़ोसी राज्य ओडिशा से धान की तस्करी को रोकने और अवैध भंडारण पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। संयुक्त टीम ने सतर्कता दिखाते हुए इन प्रकरणों को उजागर किया और आगे भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने का ऐलान किया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सबसे पहले तहसील सरायपाली के ग्राम चिउराकूट में बड़ी कार्रवाई हुई। यहां ओडिशा से अवैध रूप से लाए गए और डंप किए गए लगभग 70 कट्टे धान को टीम ने जब्त कर लिया। यह धान गुप्त तरीके से परिवहन कर छिपाया गया था, लेकिन गश्ती दल की मुस्तैदी से तस्करों की योजना पर पानी फिर गया। जब्त धान को तत्काल प्रभाव से थाना सिंघोड़ा को सुपुर्द कर दिया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसी कड़ी में बीती रात कोमाखान तहसील के अंतर्गत ग्राम नर्रा में एक और सफल छापा पड़ा। यहां 200 कट्टे अवैध धान बरामद किए गए। टीम को सूचना मिली थी कि बड़े पैमाने पर धान का परिवहन हो रहा है, जिसके आधार पर रात में ही कार्रवाई की गई। यह धान भी बिना किसी वैध दस्तावेज के जमा किया जा रहा था, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन था। सबसे बड़ा प्रकरण तहसील पिथौरा के ग्राम बम्हनी में सामने आया, जहां गोयल ट्रेडर्स के गोदाम में अवैध रूप से 600 कट्टे धान का भंडारण पाया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में धान रखा मिला, जिसके लिए कोई वैध अनुमति या दस्तावेज नहीं थे। यह धान संभवतः बाहर से लाकर स्टॉक किया गया था। प्रशासन ने तुरंत इसे जब्त कर लिया और मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए मंडी सचिव को निर्देश दिए हैं। इस प्रकरण से अवैध व्यापार की गहरी साजिश का पता चलता है। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम, जिसमें राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग के अधिकारी शामिल हैं, ने इन सभी कार्रवाइयों को अंजाम दिया। कलेक्टर के निर्देशन में चल रही यह मुहिम धान खरीदी सीजन में अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई है। टीम ने स्पष्ट किया कि अवैध धान परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ आगे भी सतत और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। कोई भी व्यक्ति या व्यापारी यदि ऐसे नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई जिले में किसानों के हितों की रक्षा करने और सरकारी धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है। प्रशासन की इस सतर्कता से अवैध तस्करों में हड़कंप मच गया है, और आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयां होने की संभावना है।

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