मतगणना पुनरीक्षण क्यों जरूरी? सटीक सूची से मजबूत लोकतंत्र
रिपोर्टर मयंक गुप्ता महासमुंद / 11 नवम्बर 2025 भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर महासमुंद जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच एक सवाल बार-बार उठ रहा है – मतदाता सूची की मतगणना पुनरीक्षण आखिर क्यों जरूरी है?मतगणना पुनरीक्षण का मतलब और महत्व
मतगणना पुनरीक्षण का अर्थ है मतदाता सूची को पूरी तरह जांचना, शुद्ध करना और अद्यतन करना। इसमें मृत मतदाताओं के नाम हटाना, स्थानांतरित हुए व्यक्तियों को नई जगह पर जोड़ना, 18 वर्ष पूरे कर चुके नए मतदाताओं को शामिल करना और दोहरे/गलत प्रविष्टियों को सुधारना शामिल है।यह क्यों जरूरी है..?
सटीक प्रतिनिधित्व: अगर सूची में मृत या अनुपस्थित व्यक्ति के नाम रहें, तो वास्तविक मतदाताओं का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है। निष्पक्ष चुनाव: गलत सूची से बोगस वोटिंग की आशंका बढ़ती है। पुनरीक्षण इसे रोकता है। नवमतदाताओं का हक: हर साल हजारों युवा 18 वर्ष के होते हैं। बिना पुनरीक्षण उनके मताधिकार का हनन होता है। डेटा की विश्वसनीयता: आधार, जन्म प्रमाण आदि से लिंक कर सूची को पारदर्शी बनाया जाता है। कानूनी अनुपालन: निर्वाचन आयोग का नियम है कि हर वर्ष 1 जनवरी को अर्हता तिथि मानकर सूची अपडेट हो।महासमुंद में अभियान की झलक
4 नवंबर से शुरू अभियान में बीएलओ योजना यादव की अगुवाई वाली टीम ने आज सुबह कलेक्टर विनय लंगेह के घर पहुंचकर गणना-घोषणा प्रपत्र सौंपे। सरपंच प्रमिला ध्रुव, उप सरपंच जीतेंद्र साहू, पंच शिव साहू आदि मौजूद रहे। जिले में 8,86,422 पंजीकृत मतदाता हैं। चारों विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर: गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं आधार, जन्म प्रमाण, निवास प्रमाण आदि जांच रहे हैं मृत/स्थानांतरित नाम हटा रहे हैंकलेक्टर की अपील
कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा, “एक गलत नाम सूची में रहना लोकतंत्र पर बोझ है, और एक पात्र नाम का छूटना अन्याय है। पुनरीक्षण आपका अधिकार और कर्तव्य दोनों है।”प्रपत्र भरें दस्तावेज जमा करें 25 नवंबर तक सहयोग करें अंतिम सूची प्रकाशन के बाद कोई सुधार नहीं होगा। आपका एक कदम – लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ।
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