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Tuesday, November 11, 2025

नशे के सौदागरों पर महासमुंद पुलिस का कहर 60 किलो गांजा, 22 लाख का ट्रक-माल बरामद

ओडिशा-यूपी ड्रग रूट पर महासमुंद पुलिस की धमाकेदार पकड़..!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता महासमुंद / ऐंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और बसना पुलिस ने मिलकर नशे के सौदागरों को करारा झटका दिया है। ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही 60 किलोग्राम गांजे की विशाल खेप को बीच रास्ते में पकड़ लिया गया। आयशर ट्रक में छिपाकर ले जाए जा रहे इस माल की कीमत 12 लाख रुपये है, जबकि ट्रक और मोबाइल समेत कुल 22 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई। दोनों आरोपी – सद्दाम हुसैन (34) और कियामुद्दीन (26) – उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुख्यात तस्कर निकले, जो लंबे समय से इस रूट पर सक्रिय थे।

मुखबिर की गुप्त सूचना से चला ऑपरेशन, जिले की सीमाओं पर कसा घेरा

10 नवंबर 2025 को थाना बसना को खुफिया सूचना मिली कि ओडिशा से गांजे का बड़ा जखीरा आयशर ट्रक (UP 72 BT 3907) में लोड होकर पदमपुर → बसना → महासमुंद → उत्तर प्रदेश के रास्ते जा रहा है। तुरंत ऐक्शन में आई पुलिस ने जिले के सभी एंट्री पॉइंट्स पर नाकाबंदी कर दी। पलसापाली बैरियर पर जैसे ही यह ट्रक दिखा, ऐंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और बसना पुलिस की संयुक्त टीम ने बिजली की तेजी से घेराबंदी की और वाहन को रोक लिया।

ट्रक की तलाशी में खुला राज – तालपत्री के नीचे छिपे थे 3 बोरे गांजा

वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों ने पूछताछ में अपना नाम बताया: सद्दाम हुसैन, पिता रिजवान हुसैन, उम्र 34 वर्ष, पंडरीजबर, थाना कंधई, प्रतापगढ़ (उ.प्र.) कियामुद्दीन, पिता कमरूद्दीन, उम्र 26 वर्ष, ताला, थाना कंधई, प्रतापगढ़ (उ.प्र.) ट्रक की गहन तलाशी में तालपत्री के नीचे छिपे 3 बोरे बरामद हुए।

इन्हें खोलते ही 60 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बाहर आया। मौके पर ही तौल और पैकेजिंग की जांच की गई।

जब्ती का पूरा ब्यौरा – 22 लाख से ज्यादा का माल पुलिस के हत्थे

वस्तु - मात्रा/विवरण - अनुमानित कीमत अवैध गांजा - 60 किलोग्राम - ₹12,00,000

आयशर ट्रक - UP 72 BT 3907 - ₹10,00,000 मोबाइल फोन - 2 नग - ₹10,000 कुल जब्ती - ₹22,10,000

आरोपी बेनकाब: ओडिशा से सस्ते में खरीद, यूपी में मोटा मुनाफा

पूछताछ में दोनों ने कबूल किया – “हम ओडिशा के जंगलों से गांजा सस्ते में खरीदते हैं और उत्तर प्रदेश में दोगुनी-तिगुनी कीमत पर बेचते हैं। यह खेप प्रतापगढ़ और आसपास के इलाकों में सप्लाई होनी थी।” पुलिस को शक है कि यह सिर्फ एक खेप नहीं, बल्कि एक अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट का हिस्सा है।

कानूनी शिकंजा: NDPS एक्ट के तहत FIR, आरोपी जेल में

दोनों के खिलाफ थाना बसना में धारा 20(ख) NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज। सभी सबूतों के साथ न्यायालय में पेशी के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

पुलिस की तारीफ, आगे की जांच में खुलेगा पूरा नेटवर्क

यह सनसनीखेज कार्रवाई ऐंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और महासमुंद पुलिस की संयुक्त टीम की बहादुरी का नतीजा है। एसपी ने टीम को तत्काल बधाई दी है। अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है: ओडिशा में गांजा उत्पादन के सोर्स पॉइंट तक पहुंच यूपी में डिलीवरी और बिक्री नेटवर्क की पहचान फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की छानबीन

पुलिस का संदेश साफ है – “नशे का कारोबार करने वालों की अब खैर नहीं!”

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