26 जनवरी और 31 दिसंबर की डेडलाइन तय, PM जनमन के 488 और MMAY के 104 घर गणतंत्र दिवस तक पूरे करने के सख्त निर्देश
रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, महात्मा गांधी नरेगा और स्वच्छ भारत मिशन की महत्वपूर्ण योजनाओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों-कर्मचारियों को साफ चेतावनी दी कि आवास निर्माण में अब कोई ढिलाई या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ऐलान किया कि अब वे स्वयं हर ग्राम पंचायत सचिव की कार्य प्रगति की व्यक्तिगत समीक्षा करेंगे।
बैठक में सीईओ ने साफ शब्दों में कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसमें गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं होगा। जनपद पंचायत के सीईओ, एसडीओ, सचिव, रोजगार सहायक और आवास मित्र मिलकर दिन-रात एक कर दें, लेकिन तय लक्ष्य हर हाल में पूरा करना है।”
तय किए गए सख्त लक्ष्य
PM जनमन योजना के 488 आवास और MMAY के 104 आवास 26 जनवरी 2026 तक पूर्ण करने अनिवार्य।
PMAY-G 2024-25 में दूसरी किस्त जारी हो चुके 720 अपूर्ण आवास 31 दिसंबर 2025 तक हर हाल में पूरे हों।
2025-26 में नव स्वीकृत सैकड़ों आवासों के लिए एक सप्ताह में हितग्राहियों से इकरारनामा लेकर काम शुरू हो।
सभी नए आवास न्यूनतम 272 वर्ग फुट में बनाए जाएं, कोई छूट नहीं।
SHG समूहों के माध्यम से PM जनमन आवासों के लिए सेंट्रिंग प्लेट की आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए।
सीईओ ने मैदानी अमले को निर्देश दिए कि वे लगातार गांवों का भ्रमण करें, हितग्राहियों को प्रेरित करें और निर्माण कार्य की रोजाना मॉनिटरिंग करें। उन्होंने चेताया कि सचिव, रोजगार सहायक और आवास मित्र अब सीधे उनकी निगरानी में हैं।
मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन पर भी कड़ा रुख
सभी स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण एक सप्ताह में शुरू हो।
सामुदायिक शौचालयों का काम तेजी से पूरा कर जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए।
युक्तधारा पोर्टल पर सभी ग्राम पंचायतों के प्लान तुरंत अपलोड हों।
जलदूत ऐप से लिए गए कूपों का माप पंचायत भवन की दीवार पर अनिवार्य रूप से लिखवाया जाए।
बैठक में जनपद पंचायत के सीईओ, एसडीओ (आरईएस), स्वच्छ भारत मिशन एवं PMAY-G के जिला-ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक तथा गरियाबंद जनपद की सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक और आवास मित्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सीईओ प्रखर चंद्राकर का स्पष्ट संदेश था – “अब परिणाम चाहिए, बहाने नहीं।” जिले में चल रहे आवास निर्माण अभियान को रफ्तार देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है और अगले दो महीने गरियाबंद के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य देखने को मिलेंगे।
No comments:
Post a Comment