
रिपोर्टर मयंक गुप्ता महासमुंद, 05 दिसम्बर 2025 स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज महासमुंद में रायपुर संभाग के शिक्षा तंत्र को पूरी तरह हिला कर रख दिया। जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई मैराथन समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को साफ-साफ सुनाते हुए कहा, “अब कागजी घोड़े दौड़ाने का जमाना गया। 2026 का बोर्ड रिजल्ट ही बताएगा कि कौन अफसर नौकरी करने लायक है और कौन नहीं।” बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त समग्र शिक्षा डॉ. प्रियंका शुक्ला के साथ रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद के सभी डीईओ, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी मौजूद रहे।
मंत्री के टॉप-10 नॉन-नेगोशिएबल टारगेट
1/ 31 दिसंबर 2025 तक अपार आईडी 100% – एक भी बच्चा छूटा तो डीईओ सीधे जवाबदेह2/ 2026 बोर्ड: 10वीं में न्यूनतम 85%, 12वीं में न्यूनतम 90% और अधिकतम बच्चे फर्स्ट डिविजन में
3/ बायोमेट्रिक उपस्थिति 100% अनिवार्य – लेट आने वालों का नाम व फोटो पोर्टल पर सार्वजनिक
4/ हर बीईओ हर महीने न्यूनतम 40 स्कूलों का दौरा, जीपीएस फोटो के साथ रिपोर्ट
5/ जनवरी 2026 से “धारा-प्रवाह हिंदी अभियान” – कक्षा 5 तक हर बच्चा फरवरी तक फर्राटेदार हिंदी पढ़े
6/ माध्यमिक स्तर पर बेसिक गणित + अंग्रेजी रेमेडियल क्लासेस अनिवार्य
7/ ड्रॉपआउट रेट 0.1% से ऊपर हुआ तो पूरा ब्लॉक फेल, बीईओ निलंबित
8/ सेवानिवृत्त शिक्षक को रिटायरमेंट के दिन ही पूरा पेंशन-ग्रेच्युटी, देरी करने वाले बीईओ पर एफआईआर
9 / एक हफ्ते में हर स्कूल में PM ई-विद्या चैनल रोज चलेगा अगले 3 साल की मास्टर प्लान 31 जनवरी 2026 तक विभाग को जमा
10/ मंत्री ने कड़े लहजे में कहा, “शिक्षा सुधार मेरी प्राथमिकता नहीं, मजबूरी है। जो नहीं कर सकता, वो अभी इस्तीफा दे दे।”
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