लोकसभा में भिड़े राहुल और पीयूष: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर 'आर-पार', क्या दांव पर है भारतीय किसान? - Bebaak Bayan

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Wednesday, February 4, 2026

लोकसभा में भिड़े राहुल और पीयूष: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर 'आर-पार', क्या दांव पर है भारतीय किसान?

नई दिल्ली | 05 फरवरी 2026 संसद का बजट सत्र आज उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया जब 'भारत-अमेरिका व्यापार समझौते' (India-US Trade Deal) को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस समझौते को भारतीय किसानों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया, जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभालते हुए सरकार का बचाव किया।

राहुल गांधी का हमला: "खेत और खलिहान दांव पर"

सदन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका के दबाव में आकर भारतीय बाजारों को विदेशी कंपनियों के लिए खोल रही है।

"यह समझौता केवल व्यापार नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों किसानों और पशुपालकों की आजीविका का सौदा है। अमेरिका से आने वाला सस्ता दूध और अनाज हमारे छोटे किसानों को बर्बाद कर देगा। आखिर सरकार किसे फायदा पहुँचाने के लिए यह डील कर रही है?"राहुल गांधी, विपक्ष के नेता (लोकसभा में)

पीयूष गोयल का पलटवार: "भ्रम फैला रहा है विपक्ष"

राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सदन के पटल पर स्पष्ट किया कि भारत की 'रेड लाइन्स' (सीमाएं) तय हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश के संवेदनशील क्षेत्रों से कोई समझौता नहीं किया गया है।

सरकार की 3 बड़ी दलीलें:

  1. कृषि और डेयरी बाहर: भारत ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी डेयरी उत्पाद और अनाज इस समझौते के दायरे से बाहर रखे गए हैं।

  2. MSME को सुरक्षा: भारतीय लघु उद्योगों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष क्लॉज जोड़े गए हैं।

  3. निर्यात को बढ़ावा: इस डील से भारत के रत्न-आभूषण, टेक्सटाइल और फार्मास्युटिकल सेक्टर को अमेरिकी बाजार में बड़ी जगह मिलेगी।

एक्सपर्ट व्यू: क्यों है यह डील इतनी चर्चा में?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, लेकिन भारत हमेशा से अपने 'डेयरी सेक्टर' को लेकर सुरक्षात्मक रहा है। 2026 के इस दौर में, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था बदल रही है, भारत के लिए यह संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है कि वह व्यापार भी बढ़ाए और अपने किसानों को भी बचाए।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages