राज्यव्यापी जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां, महासमुंद में मानिक साहू को सौंपी महत्वपूर्ण कमान
रिपोर्टर मयंक गुप्ता रायपुर / महासमुंद छत्तीसगढ़ की राजनीतिक जगत में शुक्रवार को उल्लेखनीय घटनाक्रम हुआ, जब प्रदेश किसान कांग्रेस ने राज्य के सभी जिलों के लिए जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर दी। राजीव भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय से यह घोषणा किसान मुद्दों पर बढ़ती सक्रियता के बीच सामने आई है, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।नेतृत्व की सर्वसम्मति से मंजूरी
जानकारी के मुताबिक, यह सूची राज्य कांग्रेस के वरिष्ठ अधिकारियों और राष्ट्रीय स्तर के किसान कांग्रेस नेताओं की चर्चाओं के बाद अंतिम रूप दी गई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ,अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा, राष्ट्रीय प्रभारी अखिलेश शुक्ला, सचिन पायलट जैसे प्रमुख नामों के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विपक्ष के नेता चरणदास महंत, महामंत्री मलकीत सिंह गेंदु, राष्ट्रीय महासचिव मनोज नचार तथा वरिष्ठ नेता राम मोहन बरुआ की भूमिका रही। यह निर्णय किसान संगठन को मजबूत बनाने के साथ ही प्रत्येक जिले में किसान कल्याण से जुड़ी नई योजनाओं को अमल में लाने का आधार तैयार करेगा।महासमुंद में नया चेहरा: मानिक साहू की नियुक्ति से उत्साह
महासमुंद जिले के लिए यह घोषणा खास तौर पर यादगार रही, जहां स्थानीय नेता मानिक साहू को किसान कांग्रेस का जिला अध्यक्ष बनाया गया। नामांकन की खबर फैलते ही क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और किसान समुदाय में जोश भर गया। मानिक साहू का राजनीतिक करियर प्रेरणादायक रहा है। वे पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर के करीबी सहयोगी रह चुके हैं और विधायी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। संगठन स्तर पर उनकी क्षमता को हमेशा सराहा गया है। इसके अलावा, सहकारिता क्षेत्र में भी उनकी मजबूत पकड़ रही, जहां बिरकोनी सहकारिता समिति के चेयरमैन के रूप में उन्होंने किसानों की चुनौतियों को सरकारी तंत्र तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सामाजिक मोर्चे पर भी सक्रिय, वे छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के तौर पर जानी जाते हैं। साहू को एक संघर्षशील, बेबाक और किसान दर्द को अपना मानने वाले नेता के रूप में पहचाना जाता है, जिसके चलते उनकी यह जिम्मेदारी जिले के किसानों के बीच स्वागतयोग्य कदम साबित हो रही है।किसान आंदोलनों की मजबूत नींव
मानिक साहू का इतिहास दर्शाता है कि उन्होंने हमेशा कृषक समस्याओं को प्रमुखता दी। धान क्रय प्रक्रिया में गड़बड़ी से लेकर उर्वरक-बीज वितरण में अनियमितताओं तक, वे किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन के समक्ष अडिग रहे। किसान कांग्रेस ने इस नियुक्ति को "किसान आवाज को सशक्त बनाने वाला निर्णय" करार दिया है।चुनावी तैयारी का संकेत..?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम 2028 के विधानसभा चुनावों की रणनीति का हिस्सा है। किसान कांग्रेस के जरिए पार्टी सीधे ग्रामीण मतदाताओं से जुड़ने की कोशिश कर रही है। कृषि-केंद्रित महासमुंद जैसे क्षेत्र में साहू की भूमिका न केवल संगठन को मजबूत करेगी, बल्कि किसान नेतृत्व को आगे लाकर पार्टी का आधार विस्तार भी सुनिश्चित करेगी।संगठन को नई गति देने का संकल्प
प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने जारी बयान में कहा, "हमारा उद्देश्य सिर्फ नामांकन तक सीमित नहीं, बल्कि किसानों को मुख्यधारा में शामिल करना है। जिला अध्यक्ष अपने क्षेत्रों में किसान मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और पार्टी की नीतियों को जमीनी हकीकत से जोड़ेंगे।"अब सभी की नजरें महासमुंद में साहू की टीम पर टिकी हैं। प्रदेश किसान कांग्रेस ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे किसान शिकायतों पर तुरंत ध्यान दें और आंदोलनकारी रणनीतियां बनाएं। धान पर बोनस, फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा सिंचाई सुविधाओं जैसे मुद्दों पर अधिक आक्रमक रुख अपनाना होगा। छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह विकास विपक्ष के लिए चुनौती तो समर्थकों के लिए विजय का प्रतीक है। कुल मिलाकर, मानिक साहू की यह भूमिका किसान संघर्ष को नई ऊर्जा प्रदान करने वाली साबित हो सकती है। भविष्य में यह नई टीम लाखों किसानों की आकांक्षाओं को कितना पूरा कर पाती है, यह समय बताएगा।

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